Wednesday, February 4, 2026
Homeछत्तीसगढ़जगदलपुर3 साल की लम्बी लड़ाई के बाद दोष मुक्त हुए पूर्व नगर...

3 साल की लम्बी लड़ाई के बाद दोष मुक्त हुए पूर्व नगर मंडल अध्यक्ष सुरेश गुप्ता सहित अन्य 3 भाजपाई

कांग्रेस के दमनकारी शासन पर न्याय की जीत – सुरेश गुप्ता, पूर्व नगर मंडल अध्यक्ष

कांग्रेस शासन में आरटीओ कार्यालय में प्रदर्शन के दौरान एट्रोसिटी एक्ट के तहत दर्ज किया गया था मामला

कोर्ट परिसर में भाजपा जिला अध्यक्ष सहित भाजपाइयों ने किया स्वागत, दोष मुक्त होने की दी बधाई*

जगदलपुर, 2 जुलाई 2025। अविभाजित जगदलपुर नगर मंडल के पूर्व अध्यक्ष सुरेश गुप्ता सहित अन्य तीन लोगों को एट्रोसिटी एक्ट मामले में आज जिला न्यायालय ने दोष मुक्त कर दिया है। जैसे ही सुरेश गुप्ता सहित अन्य लोगों के दोष मुक्त होने की खबर बाहर आई भाजपाइयों ने भाजपा कार्यालय के सामने जमकर आतिशबाजी की तथा जिला न्यायालय परिसर पहुंचकर पुष्प हार के साथ अविभाजित नगर मंडल के पूर्ब अध्यक्ष सुरेश गुप्ता, मनोहर दत्त तिवारी और रघु सेठिया का स्वागत किया। जबकि इसी मामले में दोष मुक्त हुए रवि कश्यप आज न्यायालय परिसर में उपस्थित नहीं थे।

दोस्त मुक्त होने के बाद सुरेश गुप्ता ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि तत्कालीन कांग्रेस सरकार विपक्ष की आवाज को अपने दमन से दबाना चाहती थी इसलिए जनहित के मुद्दों पर विरोध प्रदर्शन कर रहे विपक्ष के लोगों पर एट्रोसिटी एक्ट के तहत मामले दर्ज किए गए किंतु सत्य फिर भी उबर के आया और हमें न्याय मिला।

उन्होंने कहा कि तत्कालीन कांग्रेस सरकार के तनावपूर्ण तानाशाही पूर्ण कार्यकाल का प्रदेश की जनता ने उन्हें दंड दिया और राज्य सहित जगदलपुर विधानसभा और जगदलपुर नगर निगम में भाजपा का परचम लहराया।

वही मनोहर दत्त तिवारी ने कहा कि कांग्रेस की दमन कार्य नीतियों की आखिरकार हार हुई और सत्य जीता। उन्होंने कहा कि कांग्रेस को इस दमनकारी नीति का परिणाम भी भुगतना पड़ा कांग्रेस को समझना होगा कि डंडे से राजनीति नहीं की जाती।

बता दें कि वर्ष 2022 में आरटीओ की कार्यशैली के विरोध में तत्कालीन नगर मंडल अध्यक्ष सुरेश गुप्ता के नेतृत्व में भाजपाइयों ने आरटीओ कार्यालय घेराव का निर्णय लिया था इसी दौरान आरटीओ के नेम प्लेट पर काली स्याही डाल दी गई थी। जिसके बाद आरटीओ एस एस कौशल ने कांग्रेस पार्टी के दबाव में नगर मंडल अध्यक्ष सुरेश गुप्ता, मनोहर तिवारी, रघु सेठिया और रवि कश्यप के विरुद्ध एट्रोसिटी एक्ट के तहत नामजद रिपोर्ट दर्ज कराई थी।

इस प्रकरण में सुरेश गुप्ता मनोहर दत्त तिवारी और रघु सेठिया ने दो महीने की करावास भी जेल में काटी। जबकि रवि कश्यप के स्वयं आदिवासी होने के कारण इस मामले में जमानत दे दी गई थी।

इसके पश्चात चारों नेताओं ने इस प्रकरण को चुनौती दी और 3 साल की लंबी लड़ाई के बाद आखिरकार आज न्यायालय ने उन्हें इस प्रकरण में दोष मुक्त कर दिया है।

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

spot_img
Advertisement Carousel