दो आरोपियों के विरुद्ध वन अपराध दर्ज
सीसीएफ आलोक तिवारी व डीएफओ रंगानाधा रामाकृष्णा वाय के निर्देशन एवं मार्गदर्शन में कार्रवाई
दंतेवाड़ा।वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग दंतेवाड़ा द्वारा जिले में अवैध लकड़ी तस्करी पर नकेल कसने हेतु लगातार गश्त एवं सघन कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में दंतेवाड़ा वन परिक्षेत्र अंतर्गत ग्राम गढ़मिरी में गोपनीय सूचना के आधार पर बड़ी कार्रवाई करते हुए सागौन प्रजाति की हाथ आरा चिरान फारा 175 नग, कुल 3.351 घन मीटर, जब्त की गई। यह कार्रवाई मुख्य वन संरक्षक श्री आलोक तिवारी के निर्देशन एवं वनमण्डलाधिकारी श्री रंगानाधा रामाकृष्णा वाय के मार्गदर्शन में तथा उपवनमण्डलाधिकारी श्रीमती द्रौपती ठाकुर के नेतृत्व में संपन्न हुई।
नवपदस्थ दंतेवाड़ा वन परिक्षेत्र अधिकारी डॉ. प्रीतेश कुमार पाण्डेय, जिन्हें दंतेवाड़ा रेंजर के रूप में पदस्थ हुए अभी कुछ ही दिन हुए हैं, के नेतृत्व में यह बड़ी एवं प्रभावी कार्रवाई अंजाम दी गई। कार्रवाई के दौरान आरोपियों कोसा पिता देवा एवं भीमा पिता हिड़मा, निवासी ग्राम गढ़मिरी, के विरुद्ध काष्ठ चिरान अधिनियम 1984 के अंतर्गत विधिवत जप्ती कर वन अपराध प्रकरण क्रमांक 15455/02 एवं 15455/03 दिनांक 28.01.2026 पंजीबद्ध किया गया है।
जप्ती एवं छापेमारी की कार्रवाई में वन अमले के अन्य अधिकारी-कर्मचारियों श्री सोहन लाल वर्मा, श्री जे.पी. मिश्रा, श्री संतोष नाग, श्री लक्ष्मीनारायण नागे, परिसर रक्षक श्री कोमल राम साहू (चंदेनार) एवं श्री रामलाल नेताम, वनरक्षक श्री दुष्यंत निषाद, श्री चिंगडू राम सोरी, श्रीमती मिच्चा लखमी, श्री चमरू राम नाग, श्री शिवराम मंडावी, श्री ललित मांझी, श्री भूषण नेताम, श्री दानसाय वट्टी सहित अन्य कर्मचारियों का सराहनीय योगदान रहा।
वन विभाग द्वारा स्पष्ट किया गया है कि जिले में अवैध लकड़ी कारोबार, तस्करी एवं वनों के दोहन के विरुद्ध निरंतर गश्त एवं कठोर कार्रवाई आगे भी पूरी सख्ती के साथ जारी रहेगी, ताकि वन संपदा का संरक्षण सुनिश्चित किया जा सके।



