मुर्गेश शेट्टी, बीजापुर 25 जुलाई।बीजापुर जिले के अंतर्गत आने वाले भोपालपटनम नगर पंचायत एवं आसपास की ग्राम पंचायतों में इन दिनों नागरिकों को गंभीर पेयजल संकट का सामना करना पड़ रहा है। इस संकट का मुख्य कारण क्षेत्र में हो रही लगातार बिजली की आंख मिचौली है, जिसके चलते नल-जल योजना के तहत जल आपूर्ति बाधित हो रही है।

स्थानीय नागरिकों ने बताया कि विगत कई दिनों से प्रतिदिन दिन में 10 से अधिक बार बिजली गुल हो जाती है और कई बार एक-एक घंटे तक बिजली नहीं आती। इस अनियमित बिजली आपूर्ति के कारण नल जल योजनाओं से जुड़े मोटर पंप समय पर नहीं चल पा रहे हैं, जिससे टंकी में पानी नहीं भर रहा और घरों तक सप्लाई नहीं हो पा रही है।

नगर पंचायत के अलावा आसपास की कई ग्राम पंचायतें भी इस समस्या से प्रभावित हैं। विशेष रूप से यह स्थिति तब और गंभीर हो जाती है जब यह समझा जाए कि क्षेत्र में अधिकांश हैंडपंपों के पानी में फ्लोराइड की मात्रा अत्यधिक है, जिससे वह पीने योग्य नहीं रह गया है। नागरिकों का कहना है कि मजबूरी में उन्हें दूषित पानी पीना पड़ रहा है जिससे बीमारियों का खतरा भी बना हुआ है।

स्थानीय प्रशासन से नाराज़गी:
स्थानीय लोगों ने शासन-प्रशासन से मांग की है कि इस समस्या का जल्द से जल्द समाधान किया जाए। नागरिकों का कहना है कि जब पानी जैसी मूलभूत सुविधा ही नहीं मिल पा रहा, तो जीवन- यापन कठिन हो गया है।
पीएचई विभाग का पक्ष:
इस संबंध में पीएचई (लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग) अधिकारी बंजारे जी ने बताया कि बिजली की अनियमितता के कारण टंकियों में पानी नहीं भर पा रहा है। “दिन भर में बिजली 10 से अधिक बार जाती है और हर बार आधा से एक घंटे का अंतर होता है। जब तक मोटर चालू होती है, तब तक फिर बिजली चली जाती है। ऐसे में पानी की निरंतर आपूर्ति नहीं हो पा रही,” उन्होंने बताया।

स्थानीय जनप्रतिनिधियों से अपील:नागरिकों ने स्थानीय जनप्रतिनिधियों और जिला प्रशासन से अनुरोध किया है कि बिजली की स्थिर आपूर्ति सुनिश्चित करे
निष्कर्ष:
भोपालपटनम और उसके आसपास के क्षेत्रों में बिजली और पानी की समस्या मिलकर एक गहरी जन-समस्या का रूप ले चुकी है। शासन-प्रशासन को चाहिए कि वह त्वरित कार्यवाही करते हुए बिजली की नियमित आपूर्ति सुनिश्चित करे और नल-जल योजनाओं को दुरुस्त करने के लिए आवश्यक कदम उठाए।

