जगदलपुर

पूर्व विधायक संतोष बाफना ने मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव को लिखा पत्र, जैन मुनियों पर हमला करने वाले अपराधियों पर की सख्त कार्रवाई की मांग

 

जगदलपुर। मध्यप्रदेश के सिंगोली में जैन संतों पर हुए जानलेवा हमले के संबंध में जगदलपुर विधानसभा के पूर्व विधायक व जैन समाज के वरिष्ठ सदस्य संतोष बाफना ने मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव को पत्र लिख हमले में शामिल आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्यवाही की मांग की।

बता दें कि, विगत् दिनों मध्यप्रदेश राज्य के नीमच जिले के अंतर्गत सिंगोली के समीप 3 पूज्य जैन साधु संत जो विहार के दौरान कछाला गांव के श्री बालाजी मंदिर परिसर में रात्रि विश्राम के लिए ठहरे हुए थे उन पर कुछ असामाजिक तत्वों के द्वारा जनलेवा हमला कर उन्हें बहुत ही बुरी तरह से घायल कर दिया गया। जैन संतों पर हुए इस जानलेवा हमले के बाद देशभर में यह मामला गरमाया हुआ है और जैन समुदाय के लोग मध्यप्रदेश की सरकार से दोषियों पर उचित कार्यवाही की मांग कर रहे हैं।

बाफना ने मुख्यमंत्री मोहन यादव को लिखे पत्र में कहा है कि, यह हमला केवल एक संप्रदाय पर नहीं बल्कि, हमारी भारतीय संस्कृति की सहिष्णुता, संयम और आध्यात्मिक गरिमा पर भी सीधा आघात है, जो पूरे जैन समाज के लिए असहनीय है। जैन संत, जो अहिंसा, शांति, तप और संयम के प्रतीक होते हैं, सदैव समाज को नैतिकता व सदाचार की प्रेरणा देते आए हैं। ऐसे पूज्य संतों के साथ इस प्रकार की हिंसक व अमानवीय घटना होना अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण और शर्मनाक भी है। जैन साधु-संत सादा जीवन व्यतीत करते हैं, किसी भी प्रकार की संपत्ति अपने पास नहीं रखते और याचना के माध्यम से भोजन ग्रहण करते है तो भला उनसे लूटपाट कर किसी को क्या ही मिलेगा। जबकि पुलिस विभाग द्वारा एफआईआर दर्ज कर इस मामले को एक लूट की घटना बताया जा रहा है परंतु समस्त जैन समाज इस घटना को एक नियोजित षड्यंत्र मानता है जिसका उद्देश्य केवल संतों को डराकर जैन धर्म की स्वतंत्रता को बाधित करना प्रतीत होता है।

पूर्व विधायक बाफना ने घटना की निष्पक्ष और त्वरित जांच कर दोषियों पर राष्ट्रीय सुरक्षा कानून या अन्य कठोर धाराओं के तहत् कार्यवाही करने और निकट भविष्य में इस प्रकार की किसी भी अप्रिय घटना की पुनरावृत्ति न हो, इसके लिए महाराष्ट्र सरकार की तर्ज पर मध्यप्रदेश में भी जैन साधु-संतों के विहार के दौरान स्थानीय पुलिस प्रशासन को उनकी सुरक्षा का जिम्मा सौंपने की मांग की है और कहा है कि, जैन साधु-संतों सहित अन्य धार्मिक संतों की यात्रा व ठहराव को सुरक्षित बनाने हेतु एक विशेष सुरक्षा तंत्र विकसित किया जाए व मध्यप्रदेश के सभी जिलों के जिलाधीश व पुलिस अधीक्षक को इसके लिए विशेष दिशा-निर्देश भी जारी किए जाएं।

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