Thursday, April 23, 2026
Homeछत्तीसगढ़दंतेवाड़ाअनिश्चितकालीन हड़ताल पर गए प्रबंधक ,तेंदूपत्ता व्यवस्था पर संकट,प्रदेश के 14 लाख...

अनिश्चितकालीन हड़ताल पर गए प्रबंधक ,तेंदूपत्ता व्यवस्था पर संकट,प्रदेश के 14 लाख तेंदूपत्ता संग्राहक परिवार एवं 65 लाख से अधिक संग्राहकों की आजीविका पर पड़ेगा सीधा असर

38 वर्षों से हो रहा अन्याय अब नहीं सहेंगे – प्रदेश अध्यक्ष

बार-बार ज्ञापन, फिर भी नहीं हुआ समाधान, अब आर-पार की लड़ाई को तैयार लघु वनोपज संघ के प्रबंधक

दंतेवाड़ा में 18 अप्रैल से खरीदी शुरू, 80 हजार ग्रामीण सीधे होंगे प्रभावित

दंतेवाड़ा। छत्तीसगढ़ राज्य लघु वनोपज सहकारी समिति प्रबंधक संघ के आह्वान पर प्रदेश के 902 लघु वनोपज प्रबंधक 22 अप्रैल 2026 से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने का ऐलान कर चुके हैं। इसका असर प्रदेश के 14 लाख तेंदूपत्ता संग्राहक परिवार एवं 65 लाख से अधिक संग्राहकों की आजीविका पर पड़ सकता है। वर्षों से लंबित मांगों पर कोई ठोस निर्णय नहीं होने से प्रबंधकों में भारी आक्रोश है और अब उन्होंने निर्णायक संघर्ष का रास्ता अपनाया है।

प्रदेश अध्यक्ष सन्नी साहू ने बताया कि प्रबंधक पिछले 38 वर्षों से सुदूर वनांचल क्षेत्रों में वनोपज संग्रहण, समिति संचालन एवं विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का सफल क्रियान्वयन कर रहे हैं, लेकिन आज तक उन्हें नियमित कर्मचारी का दर्जा, वेतनमान, पेंशन, मेडिकल जैसी मूलभूत सुविधाएं नहीं मिल पाई हैं, जो सीधा अन्याय है। संघ की प्रमुख मांगों में नियमितीकरण, वेतन मैट्रिक्स लेवल 07, 08 एवं 09 लागू करना, सेवा सुरक्षा, पेंशन, अनुकंपा नियुक्ति एवं लंबित भुगतान का निराकरण शामिल है।

प्रबंधकों का कहना है कि बार-बार आश्वासन के बावजूद कोई ठोस कार्यवाही नहीं होने से अब आंदोलन ही एकमात्र विकल्प बचा है। संघ के अनुसार *हड़ताल के चलते तेंदूपत्ता संग्रहण, 67 प्रकार के लघु वनोपज की खरीदी, बोनस, बीमा एवं अन्य योजनाएं प्रभावित होंगी, जिससे प्रदेश के लाखों ग्रामीण परिवारों की आजीविका पर असर पड़ सकता है।*

खरीदी शुरू, ज्यादा नुकसान की आशंका

दंतेवाड़ा जिले में भी प्रबंधकों द्वारा 23 अप्रैल 2026 से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने का निर्णय लेते हुए संबंधित विभाग को ज्ञापन सौंप दिया गया है। जिले में 18 अप्रैल से तेंदूपत्ता खरीदी प्रारंभ हो चुकी है, ऐसे में हड़ताल का सीधा असर यहां के लगभग 80 हजार ग्रामीण परिवारों पर पड़ना तय माना जा रहा है।

तेंदूपत्ता संग्रहण, भुगतान एवं प्रबंधन कार्य प्रभावित होने से स्थानीय स्तर पर आर्थिक गतिविधियों पर व्यापक असर पड़ सकता है। संघ ने चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया, तो आंदोलन और उग्र होगा, जिसकी संपूर्ण जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

spot_img
Advertisement Carousel