Friday, March 6, 2026
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गोटईगुड़ा की महिलाएं बोलीं — “हमारे गांव में स्कूल, फिर भोजन का काम बाहरी समूहों को क्यों?”

स्थानीय महिलाओं को मध्यान्ह भोजन योजना से वंचित किए जाने पर उठे सवाल

मुर्गेश शेट्टी,बीजापुर 30 जुलाई।जिले के भोपालपटनम ब्लॉक के ग्राम पंचायत गोटईगुड़ा में स्थित डीएवी मुख्यमंत्री पब्लिक स्कूल, जो नर्सरी से लेकर कक्षा 12वीं तक के विद्यार्थियों को शिक्षा प्रदान कर रहा है, इन दिनों एक नए विवाद के केंद्र में है। स्कूल में संचालित मध्यान्ह भोजन योजना को लेकर पंचायत की महिलाओं ने नाराजगी जाहिर की है।

ग्राम की महिलाओं ने सवाल उठाया है कि जब स्कूल गोटईगुड़ा पंचायत क्षेत्र में स्थित है, तो मध्यान्ह भोजन योजना का संचालन बाहर के स्वयं सहायता समूहों — नगर पंचायत और रुद्रारम ग्राम पंचायत — को क्यों सौंपा गया है?

स्थानीय महिला समूहों का कहना है कि वे भी इस कार्य को सफलतापूर्वक संचालित करने में सक्षम हैं। एक महिला ने कहा, “हमारे गांव में ही स्कूल है, हम भी शिक्षित और सक्षम हैं, फिर हमें यह अवसर क्यों नहीं दिया जा रहा? क्या सरकार की महिला सशक्तिकरण योजनाएं सिर्फ कागजों तक सीमित रह गई हैं?”

ग्रामवासियों ने प्रशासन से मांग की है कि स्थानीय स्वयं सहायता समूहों को प्राथमिकता दी जाए, जिससे उन्हें भी स्वरोजगार और सामाजिक भागीदारी का अवसर मिल सके।

इस विषय में पूछे जाने पर बीईओ (ब्लॉक एजुकेशन ऑफिसर) ने बस्तर संवाद को बताया, “संस्था के प्राचार्य ने मुझे पत्र लिखा था कि वर्तमान में मध्यान्ह भोजन योजना का संचालन कर रहे दोनों समूह कार्य को सही तरीके से नहीं निभा पा रहे हैं। इन समूह को हटाया जाए मैंने उस पत्र को जिला प्रशासन को भेज दिया है। अब निर्णय जिला प्रशासन के स्तर से लिया जाएगा।”

गांव की महिलाएं उम्मीद कर रही हैं कि प्रशासन इस विषय पर जल्द संज्ञान लेगा और स्थानीय समूहों को आगे आने का अवसर मिलेगा।

 

 

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