जगदलपुर

बस्तर सांसद महेश कश्यप का जल जंगल जमीन के नाम फर्जी नैरेटिव चलाने वालों पर करारा हमला,कहा नक्सलवाद के कारण सालों से विकास से दूर गांव तक बिजली पानी पहुंचाना हमारी प्राथमिकता

पत्र सूचना कार्यालय के द्वारा आयोजित वार्तालाप कार्यक्रम में विरोधियों पर जमकर बरसे सांसद महेश कश्यप

जगदलपुर । केन्द्र सरकार द्वारा मोदी सरकार के 12 वर्ष के कार्यकाल की उपलब्धियों पर पत्र सूचना कार्यालय द्वारा शनिवार को निजी होटल के आयोजित कार्यशाला वार्तालाप में बस्तर और अबूझमाड़ के वन संसाधनों कटाई की खबरों पर प्रतिक्रिया देते बस्तर सांसद महेश ने इस नैरेटिव को चलाने वाले लोगों पर जमकर नाराजगी जताते हुए विरोधियों को फटकार लगाई है ।उन्होंने कहा कि नक्सलवाद की वजह से वर्षों से मुख्य धारा से कटे लोगों तक मौलिक सुविधाएं पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है।इसी परिपेक्ष्य में बस्तर और अबूझमाड़ के कुछ क्षेत्रों में पेड़ो की कटाई की जा रही है। उन्होंने कहा नक्सलवाद की वजह से वर्षों से मौलिक सुविधाओं से वंचित ग्रामीणों को यदि बेहतर स्वास्थ्य सुविधा , स्वच्छ पेयजल, विद्युत व्यवस्था और बेहतर कनेक्टिविटी देनी है तो ,उसको बिना सड़क के गांव तक कैसे पहुंचाया जायेगा ??!

सांसद महेश कश्यप ने चुनौती देते हुए कहा कि सरकार कहीं भी जंगल नहीं काट रही है यदि ऐसा है तो वह स्वयं मीडिया के साथ उस स्थान पर जाने को तैयार हैं । उन्होंने कहा कि इसी जल ,जल ,जमीन के नाम पर बस्तर में नक्सलवाद खड़ा किया गया और उसे समर्थन दिया गया लेकिन जिन प्रदेशों में नक्सलवाद नहीं था क्या वहां जंगल नहीं हैं ??! उन्होंने कहा कुछ लोग बस्तर के अंतिम व्यक्ति तक विकास पहुँचने नहीं देना चाहते ।
बस्तर सांसद महेश कश्यप ने विकास कार्यों को गांव तक पहुंचाने के लिये जो प्रयास कर रही है ,उसका कुछ विकास विरोधियों द्वारा जल जंगल जमीन के नाम पर विरोध किया जा रहा है। उन्होंने तथाकथित विरोधियों को लताड़ते हुए उनके दोहरेपन पर जमकर खबर ली । सांसद महेश कश्यप ने कहा तोकापाल में ₹ 36 करोड़ की लागत से एक आवासीय विद्यालय का निर्माण किया जाना ,उस स्थान पर एक भी पेड़ पौधा नहीं केबल पत्थर है । लेकिन जल जंगल जमीन के नाम पर इस विद्यालय का विरोध किया जा है । उन्होंने बास्तानार इसी तरह ₹ 40 करोड़ को लागत से बनने वाले आवासीय विद्यालय का विरोध किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि यह लोग चाहते हैं कि गांव के बच्चे पढ़ नहीं पायें।
बस्तर सांसद महेश कश्यप ने कहा कि बस्तर के कुछ स्थानों में पट्टे के लालच में के जंगल काटने की सूचना मिली है, इस मामले वन मंत्री केदार कश्यप के निर्देश पर वन विभाग कार्रवाई कर रहा है। बस्तर सांसद महेश कश्यप ने कहा कि सरकार की मंशा जल , जंगल और जमीन के संरक्षण के साथ समावेशी विकास है ।

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