छत्तीसगढ़

सुशासन तिहार में कृषि विभाग ने किया शत-प्रतिशत आवेदनों का निराकरण, प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि एवं किसान समृद्धि योजना से जुड़ी समस्याओं का हुआ त्वरित समाधान….

रायपुर: मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के निर्देशन में प्रदेशभर में आयोजित सुशासन तिहार के अंतर्गत आमजन की समस्याओं के त्वरित निराकरण की दिशा में प्रभावी कार्यवाही करते हुए। जिले में किसानों से प्राप्त आवेदनों का कृषि विभाग द्वारा गंभीरता एवं संवेदनशीलता के साथ निराकरण किया गया है।

जिला प्रशासन द्वारा किसानों से जुड़ी समस्याओं का शत-प्रतिशत समाधान किया गया। सुशासन तिहार के दौरान जिले के विभिन्न विकासखंडों से कृषि विभाग को कुल 200 आवेदन एवं मांगें प्राप्त हुईं, जिनका विभागीय अधिकारियों द्वारा परीक्षण कर शत-प्रतिशत निराकरण सुनिश्चित किया गया। आवेदनों के निराकरण के लिए विकासखंड स्तर से लेकर जिला स्तर तक सतत पर्यवेक्षण किया गया, जिसके फलस्वरूप सभी आवेदनों का समयबद्ध समाधान संभव हो सका।

प्राप्त आवेदनों में अधिकांश मांगें प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना एवं किसान समृद्धि योजना से संबंधित थीं। किसानों द्वारा योजनाओं में पंजीयन, पात्रता, नाम सुधार, आधार सीडिंग, बैंक खाते से संबंधित त्रुटियों के निराकरण, लाभ प्राप्ति की स्थिति तथा अन्य तकनीकी समस्याओं के समाधान हेतु आवेदन प्रस्तुत किए गए थे। विभागीय अमले द्वारा प्रत्येक आवेदन की व्यक्तिगत समीक्षा करते हुए आवश्यक दस्तावेजों का सत्यापन किया गया तथा पात्र किसानों को योजनाओं का लाभ दिलाने हेतु त्वरित कार्रवाई की गई।

विकासखंडवार प्राप्त आवेदनों की समीक्षा से ज्ञात हुआ कि अम्बिकापुर विकासखंड में प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना से संबंधित 22 तथा किसान समृद्धि योजना से संबंधित 11, कुल 33 आवेदन प्राप्त हुए, जिनका पूर्ण निराकरण किया गया। इसी प्रकार लखनपुर विकासखंड में किसान समृद्धि योजना के 28 एवं प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के 22, कुल 50 आवेदनों का निराकरण किया गया। उदयपुर विकासखंड में दोनों योजनाओं से संबंधित 12 आवेदन प्राप्त हुए, जिनका समाधान किया गया।

लुंड्रा विकासखंड में कुल 13, बतौली में 18, सीतापुर में 56 तथा मैनपाट विकासखंड में 18 आवेदन प्राप्त हुए। सभी विकासखंडों में प्राप्त आवेदनों के निराकरण हेतु विशेष शिविरों, विभागीय बैठकों एवं मैदानी स्तर पर सतत निगरानी की व्यवस्था की गई। इसके परिणामस्वरूप जिले के सभी 200 आवेदनों का सफलतापूर्वक निराकरण किया जा सका।

कलेक्टर ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि शासन की योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने प्राप्त प्रत्येक आवेदन का गुणवत्तापूर्ण और समयबद्ध निराकरण सुनिश्चित किए जाएं।

सुशासन तिहार के माध्यम से किसानों की समस्याओं के त्वरित समाधान से न केवल उन्हें योजनाओं का लाभ समय पर प्राप्त हो रहा है, बल्कि शासन की जनहितैषी नीतियों के प्रति ग्रामीण क्षेत्रों में सकारात्मक वातावरण भी निर्मित हो रहा है। कृषि विभाग द्वारा सभी प्राप्त आवेदनों का शत-प्रतिशत निराकरण इस बात का प्रमाण है कि शासन आमजन की समस्याओं के प्रति संवेदनशील है और उनके समाधान के लिए प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रहा है।

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