Wednesday, March 18, 2026
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दंतेवाड़ा में वन विभाग की बड़ी कार्रवाई,बाघ-तेंदुए की खाल के साथ बड़े शिकार गिरोह का भंडाफोड़

संयुक्त टीम की घेराबंदी में 6 से अधिक आरोपी गिरफ्तार.

केशापुर सहित कई स्थानों पर छापेमारी, खाल बरामद.

वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत सख्त कार्रवाई, जेल भेजे गए आरोपी.

दंतेवाड़ा।मुख्य वन संरक्षक श्री आलोक कुमार तिवारी के निर्देशन एवं वनमण्डलाधिकारी श्री रंगनाधा रामाकृष्णा वाय के मार्गदर्शन में वन विभाग द्वारा जिले में वन्यजीव अपराध के विरुद्ध बड़ी कार्रवाई करते हुए बाघ एवं तेंदुए की खाल के साथ सक्रिय एक संगठित शिकार गिरोह का भंडाफोड़ किया गया है। दिनांक 17.03.2026 को दंतेवाड़ा से बालूद मार्ग पर दो आरोपियों को बाघ की खाल के साथ पकड़ा गया। सघन पूछताछ के दौरान गिरोह के अन्य सदस्यों की जानकारी मिली, जिसके आधार पर अलग-अलग स्थानों पर दबिश देकर अन्य आरोपियों को भी गिरफ्तार किया गया तथा बाघ एवं तेंदुए की खाल बरामद की गई।

दिनांक 16.03.2026 की मध्य रात्रि में मुखबिर की सूचना पर वनमंडल दंतेवाड़ा, वनमंडल बीजापुर, इंद्रावती टाइगर रिजर्व, राज्य स्तरीय उड़नदस्ता दल एवं वन्यजीव अपराध नियंत्रण ब्यूरो की संयुक्त टीम ने योजनाबद्ध तरीके से घेराबंदी कर आरोपियों को पकड़ा। पूछताछ में मुख्य आरोपी लक्ष्मण तेलाम (उम्र 51 वर्ष) सहित देवीराम ओयाम (58 वर्ष), रमेश कुड़ियाम (24 वर्ष), फरसोन पोयामी (27 वर्ष), सेमला रमेश (24 वर्ष), सुखराम पोडियाम (21 वर्ष) एवं अन्य आरोपियों के नाम सामने आए, जिन्हें गिरफ्तार किया गया।

आरोपियों की निशानदेही पर वन विभाग की विशेष टीम द्वारा ग्राम केशापुर में छापेमारी कर एक और तेंदुए की खाल बरामद की गई। इस कार्रवाई में शामिल अन्य आरोपी मासो ओयाम (50 वर्ष) एवं अर्जुन भोगामी (42 वर्ष) को भी गिरफ्तार कर न्यायालय में प्रस्तुत कर जेल भेज दिया गया। वनमंडलाधिकारी ने बताया कि जब्त किए गए बाघ एवं तेंदुआ अनुसूची-I के अंतर्गत संरक्षित वन्यजीव हैं।

सभी आरोपियों के विरुद्ध वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम 1972 की धारा 9, 39(1)(घ), 3(क)(ख)(ग), 48 एवं अन्य प्रासंगिक धाराओं के तहत प्रकरण क्रमांक 15452/25 दिनांक 17.03.2026 दर्ज कर कड़ी कानूनी कार्रवाई की गई है।

अपराधियों को बख्शा नहीं जाएगा – डीएफओ

वनमण्डलाधिकारी श्री रंगनाधा रामाकृष्णा वाय ने स्पष्ट कहा कि वन्यजीवों के अवैध शिकार एवं तस्करी में संलिप्त किसी भी व्यक्ति को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने कहा कि वन एवं पर्यावरण से जुड़े किसी भी प्रकार के अपराधों के विरुद्ध वन विभाग पूरी सख्ती और तत्परता के साथ कार्रवाई कर रहा है और आगे भी करता रहेगा। ऐसे मामलों में दोषियों पर कड़ी कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी, ताकि वन्यजीव संरक्षण को और अधिक मजबूत किया जा सके तथा भविष्य में इस प्रकार की गतिविधियों पर पूर्णतः अंकुश लगाया जा सके।

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