अनुसूची-1 के ‘इंडियन जायंट स्क्विरेल’ के शिकार का मामला उजागर
एंटी पोचिंग टीम के साथ संयुक्त कार्रवाई में आरोपी गिरफ्तार
वन्यजीव संरक्षण अधिनियम 1972 के तहत सख्त कार्रवाई
दंतेवाड़ा। मुख्य वन संरक्षक श्री आलोक तिवारी के मार्गदर्शन एवं वनमंडलाधिकारी श्री रंगनाधा रामाकृष्णा वाय के निर्देशन में जिले में वन्यजीव अपराध, अवैध शिकार एवं लकड़ी तस्करी के विरुद्ध लगातार सख्त कार्रवाई की जा रही है। हाल ही में बाघ-तेंदुए की खाल बरामद करने तथा हिरण को शिकारियों से मुक्त कराने जैसी कार्यवाहियों के बाद विभाग ने एक और महत्वपूर्ण सफलता हासिल की है। नवपदस्थ दंतेवाड़ा एवं गीदम रेंजर के नेतृत्व में जिले में वन एवं पर्यावरण संरक्षण को लेकर अभियान तेज किया गया है।
इसी क्रम में इंस्टाग्राम पर वायरल एक रील के आधार पर आरोपी को ट्रैक कर गिरफ्तार किया गया। आरोपी द्वारा अनुसूची-1 के अंतर्गत संरक्षित इंडियन जायंट स्क्विरेल का शिकार कर वीडियो अपलोड किया गया था। राज्य एंटी पोचिंग टीम के सहयोग से दंतेवाड़ा एवं गीदम रेंज की संयुक्त टीम द्वारा 08 अप्रैल 2026 को आरोपी के घर दबिश दी गई, जहां से 9 गिलहरियों के अवशेष, एक भालू की खाल एवं शिकार के फंदे बरामद किए गए। आरोपी के विरुद्ध वन्यजीव संरक्षण अधिनियम 1972 के तहत प्रकरण दर्ज कर कार्रवाई की जा रही है।
शिकार न करें, वन्यजीवों की रक्षा करें- डीएफओ
वनमंडलाधिकारी श्री रंगनाधा रामाकृष्णा वाय ने कहा कि वन्यजीवों के शिकार में लिप्त किसी को बख्शा नहीं जाएगा तथा सभी से अपील की कि शिकार से दूर रहकर वन संरक्षण में सहयोग करें।


